राजनीतिज्ञ
प्रधानमन्त्री के.पी ओली : है कोई जो हमको हराए
पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड : बलेल कटेल लडुए तित कर दिया
शेरबहादुर देउवा : के गरौं सर्वोच्चले पानी फेरयो
माधव नेपाल : घर के न घाट के सडक छाप
झलनाथ खनाल : मधवा ले लुटा
विमलेन्द्र निधि : साला भागे खराब है, चुनावे नहि हुआ
महन्थ ठाकुर : ओली भक्त बेइमान मधेशीया
उपेन्द्र यादव : गइल भैंस पानी मे
राजेन्द्र महतो : रेशम पहुँचाएत बालुवाटार
मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत : का करे साला टिमे खराब है
मन्त्री जितेन्द्र सोनल : हमही बुद्धियार है, बाँकी बेकार
मन्त्री ज्ञानेन्द्र यादव : विजय सहारे, योजनाक पारघाट
मन्त्री विजय यादव : ढेवा मात्रे नहि, योजना सेहो चाही
मन्त्री नवलकिशोर साह : योजना बारे हमर पुतसँ बात करु
मन्त्री रामनरेश राय : हमको त रानीए प्रिय है, बाँकी सब फलाप
मन्त्री शैलेन्द्र साह : हमही एकटा इमान्दार पुत छी

प्रदेश सांसद
परमेश्वर साह : कोनो बात नै, होटल मे बात भेला कि नई
रामसरोज यादव : मुख्यमन्त्री बहुत निक लोक छै
रानीशर्मा तिवारी : मन्त्रालयमे आ जाना
अशोक यादव : ऐह कामे नै कर देबै
शैलेन्द्र यादव : मन्त्री लायक हमरो मुँहकान अछि
करीमा बेगम : हमनी के भी बैसय दि
शत्रुध्न महतो : साला योजने फेल हो गया
रामचन्द्र मण्डल : हउ कि करु दिमागे नहि काम करैय
सत्यनारायण मण्डल : आब देखबए सरबा के
चमेली दास : यो सर हमहुँ सांसद छी
प्रमिला दास : सब रामेसरोज दाजु खा जाइ हई

नेता
वृषेशचन्द्र लाल : बेकम्मा नेता
डा. विजय कुमार सिंह : आब हमरो पालो आएगा
उमेश साह : बाबु जिन्दाबाद
रघुविर महासेठ : कोनो बात नै जुली भेलैय न
जुली महतो : हमहुँ महिला छी
कृष्णा सिंह : काम के न काज के
जीवनाथ चौधरी : मन्दिर के नहि हमर जग्गा अछि
गणेश तिवारी : पुस्तैनी नोकर
बजरंगप्रसाद साह : हम भी स्मार्ट दिखते
रोशन जनकपुरी : वंश कुरहर
विभा ठाकुर : हमर त कोनो इज्जते नहि अछि
मेयर — लालकिशोर साह : पहिने ई कहु जे कमीशन कतेक
रिता कुमारी मिश्र : भाइजी सँ पुछु
मेयर — रामज्ञान मंडल (हंसपुर नपा) : हमरो सभके समाचार लिख दा
रेणु झा : देखलियै हमही जितली
उदय बरबरिया (शहिद नपा) : सभ ढौवा मुँह देखाइमे चलि गेल ।
मनोज चौधरी : चाकरी ओहिना नई करैछी
जानकीराम साह : घरो दुआर बेचि क मेयर बनब
मनोज साह : मेयर शरणम गच्छामी
सुदर्शन सिंह : हउ दियाद हालत खराब छो
राकेश विक्रम साह : हमरो समय आएगा
नेता
पत्रकार, साहित्यकार र कलाकार

राजेश्वर नेपाली : हमहीटा बुझकर
रामभरोस कापडि़ : आब कोनो अवसरे नहि भेटय
परमेश्वर कापडि़ : नाइनिहेटा सँ बुझैछी
डा. सुरेन्द्र लाभ : सर्वानविज्ञ
सुनिल मल्लिक : प्रोडक्सन सँ निक मिनापे छल
मदन ठाकुर : बेटे के कमाई पर आश अछि
रामनारायण ठाकुर : हे एक पैग मात्रे
सुनिल मिश्र : हमरो बात बुझा
रमेशरंजन झा : हमरा पाई नै दारु दिअ
परमेश झा : लबरसट्का अध्यक्ष
रविन्द्र झा : ससुरा बडा कामवाला
शैलेन्द्र मल्लिक : हमरा फुरसते नहि अछि
नविन मिश्र ः होउ आब सट्टे नहि अबैय
ललित कामत ः सार किस्मते खराब भ गेल
अशोक दत्त ः बाउ रे साँझ मे भेटिहे
बृजकुमार यादव ः विज्ञापन नहि त समाचार
अनिल मिश्र ः अपन उत्तराधिकारी ध क जाइब
रामअशिष यादव ः सनसिटहा नेता
श्यामसुन्दर शशी ः होउ आब हमरा केउ नई पुछैय
राजेश कर्ण ः सैलुजी केना कि भेलै
सुजीतकुमार झा ः हमहुँ पत्रकार छी
अजय कुमार झा ः खोज समाचार महारथी
हिमांशु चौधरी ः हँ ठिके कहलियौ हा‘हा‘हा‘..
नवल किशोर यादव ः प्रिये कतौ जोगार फिट भ जेइतै
शैलेन्द्र झा ः प्लानिंग फेल हो गिया
राजन सिंह ः साली के लिए कुछ भी करेगा
नित्यानन्द मण्डल ः अनिल के ऐना नहि कबारक चाहि
जयन्त ठाकुर ः ककरा सँ बियाह करु, कोइ पुछे तहन नै
अशोक रौनियार ः एगो छल सेहो चलि गेल
जगदीश साह ः लकर सुन्घा
रामभरत साह ः फेसबुकिया फोटो पत्रकार
संजिव कुमार झा ः विज्ञापन चाहि त मेयर साहेव समाचार लिखहो
आतिश मिश्रा ः नटवरलाल
सुरेश यादव ः केकर आदमी छी, हमरो बुझल नहि अछि
अजित तिवारी ः दारुपानि के व्यवस्था करु, सभ मिल जेतै
संदीप साह ः व्यपारीके ठिकदार
गोविन्द महतो ः अन्नपुर्णो आब बन्द भ गेल
अबधेश कामत ः हमरो कत्तौ जोगार लगाउ
दिपक कर्ण ः घरेबाली से परेसान
कैलाश दास ः दलितके दलाल
प्रमोद साह रंगिले ः नहि भेटत त फोडि देबै
निरञ्जन साह ः मन्त्रीके किचेनतक पहुँच अछि
धैर्यकान्त दत्त ः निधि जी औलाह, निधी जी गेलाह
विरेन्द्र रमण ः आब हम नै सकब
पुरन गुप्ता ः रणनीति काम आइत बुझाइय
किरण कर्ण ः भाईजी सँ पुछ पडतै
मनिका झा ः आब अनिले भरोसे
घनश्याम मिश्र ः गायत्रीयो के कतौ सेट क दिऔ
गायत्री मिश्र ः क्या करु हाय कुछ कुछ होता है..
अर्जुन बहादुर क्षेत्री ः कहिले हुन्छ मेरो विहे
नविन सिंह ः एल स्पेष्लिस्ट
अर्जुन मण्डल ः जोगारक लेल जय मधेश
सुभाष कर्ण ः धर्तिफार हई तब जाइब
शैलेन्द्र महतो क्रान्ति ः केहुना क कमाउ
ज्योति झा ः मनिका दिदी सँगे नैया पार करब
नेहा झा ः गाँतीबाली
प्रतिभा झा ः पतरसुटकी
राजा झा ः हम दिदी सँ परेशान छी
सुमित मिश्र ः मामा मौसीके गुलाम
दिपक मिश्रा ः यातायात अपने छै
संतोष सिंह ः नवलाके नोकर
कमलेश ठाकुर ः हमरासाथ बेइमानी भेल
रोहित महतो ः दौडत दौडत परेशान
बटुकनाथ झा ः आतिश अहु बेर धोखा देत
स्मृति मिश्र ः ललिपप लागेलु
संजय साह (मोटु) ः ठेकेदार पत्रकार
व्यवसायी
शिवशंकर साह हिरा ः काम नहि आएल महासेठके चाकरी
ललित साह ः पिलपिलहा अध्यक्ष
जितेन्द्र प्रसाद साह ः सुस्त मनस्थितिके व्यापारी नेता
जितेन्द्र महासेठ ः माल है तो कमाल है
सुरेन्द्र भण्डारी ः आब कि सुथनी उखाड़ब
मनिषरमण साह ः बतपदौना व्यापारी
फूलदेव पण्डित ः साहुजी के बीचमे अल्पसंख्यक कि करतै
ललित बजाज ः मारवाडी नई व्यापारियो के नेता छी
शंकर साह (डेली एक्प्रेस) ः कनिया मानबे नहि करैय छै
विजय झुनझुनवाला ः काला नाग
राजिब साह (चन्दन) ः मुसरीलाल
बलराम साह (सोनचाँदी) ः मेन्टेन कर पडैय छै
सुनिल साह (नेपाल स्टोर्स) ः श्रवण बाबु फंसा देलक
हंशराज साह ः सोन तस्करी सँ मिठाई निक
बलराम महतो (ठेकेदार) ः आब कत जाउ
प्रकाशचन्द्र साह ः बपौती समाजसेवा व्यवसाय
अमरनाथ गुप्ता ः हमरा के फँसा देत
पवन सिंघानिया (समाजसेवी) ः अब शमसान ही अपना घर है
श्यामप्रसाद साह ः अनुरागी गरबरा देलक
सरोज मिश्र ः आब शरणमे चलि गेल छी
धर्मेन्द्र साह ः लाले किशोरके चम्चागिरीमे मज्जा अछि
नोट : होली मे पाठक सभक मनोरञ्जन समाजक अगुवा व्यक्ति सभके ई मान पदवी देल गेल अछि । अहि के हँसी ठट्टाक रुप मे मात्र लेबाक पाठक सभसँ आग्रह । जौं ककरो चित दुखए त क्षमाप्राथी छी । — सम्पादक

















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